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Personal Description
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आंसू भरी ये आंखे, केहता है कभी-कभी..
गम-ए-इन्तेहां से गुज़र के, बेहता है कभी-कभी..
यादों के साथ जीने की कोशिश है उसकी..
जीने की चाह मे वो, मरता है कभी-कभी..
किसी की आरज़ू मे, सपनों को सजाया है उसने..
सपनो के सहारे वो, रोता है कभी-कभी..
नफ़रत की चादर तले, प्यार की खोज है उसकी..
प्यार उसकी ज़िन्दगी मे, आता है कभी-कभी..
कोई समझता नही है येह दर्द-ए-दिल उसका..
दर्द भी उसके दिल से दूर, जाता है कभी-कभी..
चेहरे पे मुस्कान लिये, गम छिपाया है उसने..
फ़साना-ए-दिल वोह, सुनाता है कभी-कभी
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Partner's Description
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तन्हाई से इस कदर परेशान हुँ
लग'ता है अप'ने से अजांन हुँ
हर वक्त सोच मैं डूबा रह्ता हुँ
कोइ नहीं है मेरा, बस य'ही सोच'ता हुँ
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